गेहूं खरीदी में देरी, गैस किल्लत, बढ़ते बिजली बिलों सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरा, हजारों लोगों की रही भागीदारी
सीधी। जिले में जनसमस्याओं को लेकर सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले एक विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें जिले भर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं, किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। यह प्रदर्शन सम्राट चौक स्थित पृथ्वीराज चौहान शॉपिंग कॉम्प्लेक्स परिसर में आयोजित किया गया, जहां पूरे क्षेत्र में जनआक्रोश और विरोध का माहौल देखने को मिला।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व सीडब्ल्यूसी सदस्य एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने किया, जबकि जिले के संगठन प्रभारी दिलीप मिश्रा की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सीधी कलेक्टर के माध्यम से सौंपा गया।
जनसमस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरी कांग्रेस
धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए कहा कि आज आम जनता बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन सरकार उनकी ओर ध्यान देने के बजाय केवल घोषणाओं तक सीमित है। वक्ताओं ने कहा कि गेहूं खरीदी में देरी, गैस सिलेंडरों की किल्लत, बिजली बिलों में लगातार वृद्धि, किसानों को मुआवजा न मिलना, और अन्य समस्याएं जनता के लिए गंभीर संकट बन चुकी हैं।
गेहूं खरीदी में अव्यवस्था से किसान परेशान
धरना-प्रदर्शन में सबसे प्रमुख मुद्दा गेहूं खरीदी में हो रही देरी और अव्यवस्था का रहा। किसानों ने बताया कि वे अपनी मेहनत से तैयार फसल लेकर खरीदी केंद्रों और मंडियों में भटक रहे हैं, लेकिन खरीदी की कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। तिथि तय न होने और प्रक्रियाओं में देरी के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है और समय पर खरीदी न होने से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है।
गैस सिलेंडर की किल्लत से घर-घर में परेशानी
धरना-प्रदर्शन में घरेलू गैस की किल्लत भी एक बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया। लोगों ने बताया कि गैस सिलेंडर की उपलब्धता बेहद सीमित हो गई है, जिसके कारण उन्हें घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। कई जगहों पर होम डिलीवरी बंद हो चुकी है, जिससे बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी हो रही है।
वक्ताओं ने कहा कि गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि ने पहले ही लोगों का बजट बिगाड़ दिया था, और अब उसकी कमी ने स्थिति और गंभीर बना दी है।
बिजली बिलों ने तोड़ी आमजन की कमर
बढ़ते बिजली बिलों को लेकर भी प्रदर्शन में तीखी नाराजगी देखने को मिली। वक्ताओं ने कहा कि उपभोक्ताओं को अत्यधिक बिजली बिल थमाए जा रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग आर्थिक रूप से टूट चुका है।
कई लोगों ने शिकायत की कि उनके बिजली बिल वास्तविक खपत से कहीं अधिक हैं और शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। साथ ही कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर और केबल खराब होने के कारण विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो रही है।
ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मुआवजे की मांग
हाल ही में हुई ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। धरना-प्रदर्शन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रभावित किसानों को अभी तक उचित मुआवजा नहीं मिला है।
उन्होंने मांग की कि राजस्व विभाग द्वारा शीघ्र सर्वे कराकर किसानों को न्यायसंगत मुआवजा दिया जाए, ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें।
पेयजल संकट और ग्रामीण समस्याएं भी प्रमुख मुद्दा
धरना-प्रदर्शन में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते पेयजल संकट पर भी चिंता जताई गई। बताया गया कि कई गांवों में हैंडपंप खराब पड़े हैं और उनकी मरम्मत नहीं हो रही है। राइजर पाइप, बासर और अन्य सामग्री की कमी के कारण हैंडपंपों की स्थिति और खराब हो गई है।
नल-जल योजनाएं भी कई जगहों पर मेंटेनेंस के अभाव में बंद पड़ी हैं, जिससे गर्मी के मौसम में लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा और युवाओं में नशे पर चिंता
वक्ताओं ने जिले में बिगड़ती कानून व्यवस्था, महिलाओं के साथ बढ़ते अपराध और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रशासन इन मुद्दों पर नियंत्रण करने में असफल साबित हो रहा है।
सड़क निर्माण और वन कटाई पर भी उठे सवाल
सीधी-सिंगरौली सड़क निर्माण में हो रही देरी और वनों की कटाई जैसे मुद्दों को भी प्रदर्शन में जोर-शोर से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि विकास कार्यों में देरी से क्षेत्र की प्रगति प्रभावित हो रही है।
कमलेश्वर पटेल का तीखा हमला
अपने संबोधन में कमलेश्वर पटेल ने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल है। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर, युवा, महिला और व्यापारी—हर वर्ग परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल दिखावे की राजनीति कर रही है, जबकि जमीन पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी।
दिलीप मिश्रा ने कहा— हर घर की समस्या बनी ये मुद्दे
दिलीप मिश्रा ने कहा कि गेहूं खरीदी, गैस की कमी और बिजली बिल आज हर घर की समस्या बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह असफल रही है।
ज्ञान सिंह का बयान
ज्ञान सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा जनता के हक की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ज्ञापन की प्रमुख मांगें (विस्तार से)
ज्ञापन में निम्न प्रमुख मांगें विस्तार से रखी गईं—
- गैस सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और होम डिलीवरी सेवा पुनः प्रारंभ की जाए।
- गेहूं खरीदी की तिथि तत्काल घोषित कर व्यवस्थित खरीदी सुनिश्चित की जाए।
- बढ़े हुए बिजली बिलों में संशोधन कर आम जनता को राहत दी जाए।
- खराब ट्रांसफॉर्मर और केबल को शीघ्र बदला जाए।
- ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कर खराब हैंडपंपों की मरम्मत की जाए।
- ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
- बसों का संचालन केवल निर्धारित बस स्टैंड से किया जाए, ताकि जाम की स्थिति समाप्त हो।
बड़ी संख्या में रही सहभागिता
धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान, युवा, महिलाएं और विभिन्न वर्गों के नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम में उत्साह और विरोध का माहौल बना रहा।







