ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। युद्ध के 35वें दिन ईरान की सेना (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिका के घातक F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को मार गिराया है।
बड़ा सवाल: विमान तो तबाह हो गया, लेकिन पायलट कहां है?
सर्च ऑपरेशन: ईरान का दावा है कि पायलट पैराशूट से ईरानी सीमा के भीतर ही उतरा है। अब ईरान की सेना उसे ‘जिंदा या मुर्दा’ पकड़ने के लिए जमीन-आसमान एक कर रही है।
अमेरिका की पुष्टि: वाशिंगटन ने विमान गिरने और पायलट के लापता होने की पुष्टि कर दी है। अमेरिकी रेस्क्यू टीमें अपने जांबाज सिपाही को बचाने के लिए गुप्त ऑपरेशन चला रही हैं।
F-15E क्रैश: ईरान में लापता अमेरिकी पायलट को लेकर बढ़ी जंग की आहट
शुक्रवार को इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अमेरिकी फाइटर जेट को मार गिराए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने अपने पायलट के लापता होने की आधिकारिक पुष्टि की है।
मुख्य बिंदु:
ईरान का जाल: ईरान को शक है कि पायलट देश के किसी हिस्से में छिपा हुआ है। उसे पकड़ना ईरान के लिए एक बड़ी रणनीतिक जीत होगी।
हाई-टेक सर्च: जहां ईरान की जमीनी सेना पायलट को ढूंढ रही है, वहीं अमेरिकी तकनीक और सैटेलाइट्स उसे लोकेट करने की कोशिश कर रहे हैं।
इजेक्ट का दावा: शुरुआती रिपोर्ट्स बताती हैं कि विमान के नष्ट होने से ठीक पहले पायलट सफलतापूर्वक इजेक्ट कर गया था।
ईरान बनाम अमेरिका: लापता पायलट की तलाश में छिड़ी ‘जंग’! 🛩️
ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका का F-15E फाइटर जेट मार गिराया है। पायलट ने इजेक्ट तो किया, लेकिन वह अब कहां है, यह एक रहस्य बना हुआ है।
ईरान का लक्ष्य: पायलट को बंदी बनाना।
अमेरिका का मिशन: रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए पायलट को सुरक्षित निकालना।
क्या यह घटना एक बड़े विश्व युद्ध की शुरुआत
है?



