
इंदौर। शहर में बढ़ते अग्निकांड के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने फायर सेफ्टी नियमों को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। 15 दिन पहले जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, मॉल, अस्पतालों, कोचिंग संस्थानों और बहुमंजिला इमारतों को फायर सेफ्टी मानकों का पालन करने के लिए नोटिस जारी किए गए थे, उनकी तय समयसीमा अब समाप्त हो चुकी है। इसके बाद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सीलिंग की कार्रवाई भी शामिल है।
नोटिस के बाद भी नहीं सुधरे हालात
प्रशासन द्वारा जारी नोटिस के बावजूद कई संस्थानों ने फायर सेफ्टी के जरूरी इंतजाम पूरे नहीं किए हैं। जांच में सामने आया है कि कई जगहों पर फायर एक्सटिंग्विशर या तो उपलब्ध नहीं हैं या एक्सपायरी हो चुके हैं। कई इमारतों में फायर अलार्म सिस्टम काम नहीं कर रहा, तो कहीं आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) बाधित हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। ऐसे में अब चेतावनी का दौर खत्म हो चुका है और कार्रवाई का समय आ गया है।
सीलिंग की कार्रवाई होगी शुरू
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों ने निर्धारित समयसीमा में फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं किया है, उन्हें सील किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम और फायर विभाग की संयुक्त टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार निरीक्षण कर रही हैं।
कार्रवाई के तहत:
- नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को सील किया जाएगा
- भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है
- लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी संभव है

किन संस्थानों पर रहेगी खास नजर
प्रशासन ने जिन स्थानों को उच्च जोखिम वाला माना है, उनमें शामिल हैं:
- शॉपिंग मॉल
- मल्टीप्लेक्स
- अस्पताल
- कोचिंग सेंटर
- होटल और रेस्टोरेंट
- बहुमंजिला व्यावसायिक इमारतें
इन स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं, इसलिए यहां फायर सेफ्टी इंतजाम बेहद जरूरी हैं।
हाल के हादसों से लिया सबक
हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में आग लगने की घटनाओं ने प्रशासन को सतर्क किया है। कई मामलों में यह पाया गया कि फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण नुकसान अधिक हुआ। इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इंदौर प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।
फायर सेफ्टी के अनिवार्य प्रावधान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी संस्थानों को निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी:
- पर्याप्त संख्या में फायर एक्सटिंग्विशर
- कार्यशील फायर अलार्म सिस्टम
- आपातकालीन निकास मार्ग
- फायर हाइड्रेंट सिस्टम
- कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण
व्यापारियों और संस्थानों की प्रतिक्रिया
कुछ व्यापारियों और संस्थानों का कहना है कि उन्हें सुधार के लिए और समय दिया जाना चाहिए था, क्योंकि कई व्यवस्थाएं स्थापित करने में समय और लागत दोनों लगते हैं। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।

प्रशासन का सख्त संदेश
अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम है। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता के लिए संदेश
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे ऐसे स्थानों पर जाने से बचें, जहां फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम न हों। साथ ही, किसी भी लापरवाही की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।



